Home क्या करूं सेक्स करने का मन ही नहीं होता!

क्या करूं सेक्स करने का मन ही नहीं होता!

Posted by khaskhabar.com
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जीवन में एक मोड ऎसा आता है जब सबकुछ सही होते हुए भी सेक्स के प्रति अरूचि हो जाती है। स्त्री-पुरूष एक ही स्थान पर और एक ही बेड पर साथ-साथ लम्बी अवधि तक सोते है तो ऎस में अक्सर ही उन्हें एक-दूसरे की अरूचि हो जाती है। इसकी वजह यह है कि स्त्री-पुरूष रोजाना एक ही बेड पर सोते है तो इच्छा न होने पर भी वे सहवासरत हो ही जाते है और विज्ञान भी इस बात को मानता है कि कोई भी कार्य जब रोजना अनचाहे रूप से किया जाता है तब उस काम के प्रति स्वाभाविक रूप से घृणा मन से उत्पन्न हो जाती है, वह कार्य सेक्स संबंध बनाना ही क्यो न हो।

महिलाओं पर ज्यादा प्रभाव
अनचाहा यौन-संबंध बहुत ही गलत प्रभाव स्त्री-पुरूष पर डालता है। यह पुरूष पर स्त्री की अपेक्षा अधिक अपना प्रभाव छोडता है। ऎसे में अगर स्त्री समझदार न हो तो यह छोटी सी प्राब्लम रोग का कारण भी बन जाती है। आज अधिकंश पुरूष यह कहते मिल जाएंगे कि सेक्स की इच्छा ही नहीं करती। ऎसे पुरूषों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिए। संबधों में एक रूपेस बनाकर चले। महानगरीय संस्कृति में जगह की बहुत कमी है। बच्चे, पत्नी-पति और दूसरे रिलेशन के लोग भी एक ही बेडरूम में रात गुजारते है। ऎसे में सेक्स की इच्छा किसे करेगी। एक यह भी कारण है।
बढती उम्र सेक्स
के प्रति अरूचि का या साथी के प्रति बेरूखी का, इस बात को बहुत कम ही स्त्री-पुरूष समझ पाते है, जैसे जैसे उम्र बीतती जाती है, वैसे बैसे सेक्स भी अधिक समय मांगने लगता है यानी कम एज में जो सेक्स संबंध बनाना एक खेल था, वह बढती उम्र में खेल नहीं रह जाता है। अब उसे पर्याप्त समय चाहिए और फोरप्ले की चाशनी भी ...।

अनचाहा सेक्स
यह तो दिमाग में बैठा ले कि अनचाहा सेक्स संबंध से दूर ही रहना है। थकान हो या नींद आ रही हो, दिमाग पर तनाव का बोझ हो, मूड न हो, साथी के प्रति मन में गुस्सा हो, साथ-साथ रहने में अच्छा न लग रहा हो और उसके शरीर से अजीब सी गंध आ रही हो या वह बीमार हो, फिर आप जबर्दस्ती अपने मन को सेक्स संबंध बनाने पर मजबूर कर रहो हो तो समझ लीजिए आप अनचाहा यौन संबंध बना रहे है और यह आपके शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए किसी भी दृष्टि से सही नहीं है। कभी भी आपको सेक्स से और साथी से भी अरूचि हो सकती है। अनचाहे यौन संबंधों में यह होता है कि शरीर तो सहवासरत रहता है, पर मन कोई इंज्वॉय नहीं करता है और जब मन इस आनंद से वंचित रहता है तो धीरे-धीरे स्वाभाविक रूप से सेक्स के प्रति वितृष्ना मन में उत्पन्न हो जाती है। अनचाहे सेक्स संबंध से जहां तक संभव हो बचे। यह आपकी यौन शक्ति को कम हीं नहीं करता है बल्कि आपको साथी से दूर भी ले जाता है। जब भी सेक्स को लेकर रूचि हटने लगे तो खुद को नपुंसक या अयोग्य करार न देकर कारण क्या है उसका पता लगाएं। हर समस्या का कोई न कोई कारण होता है।

गैप दें
जब रोजाना यौन-संबंध बनने लगते हैं तब अरूचि के साथ-साथ यौन क्षमता कम होने की प्रॉब्लम भी खडी हो जाती है। आपने महसूस भी किया होगा, गैप देकर किया जाने वाला सेक्स आनन्दायक तो होता ही है, साथ ही फ्रेशनेस भी लाने वाला होता है। रोज-रोज के सहवास के फ्रेंशनेस जैसी कोई फीलिंग नहीं होती क्योकि यह एक रूटीन वर्क की तरह ही हो जाता है। सेक्स जीवन का एक खास हिस्सा है, उसे खास ही बनाकर रखे ताकि इसके चलते मैरिड लाइफ में लझने और तनाव पैदा न हो। जीवन अबाध गति से चलता रहे। तलाक के अधिकांश कारणों में से एक सेक्स भी होता है असफल और असंतोषजनक सेक्स पति-पत्नि को तलाक के पायदान तक पहुंचाने का दम रखता है। अपनी सेक्सुअल लाइफ हमेशा स्वस्थ रखे।


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