जीतें प्यार से,एक दूसरे का दिल

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जिंदगी में खुशी और गम व रूठनेमनाने का दौर चलता रहता है,पर प्यार से जीती जंग का मजा कुछ अलग ही होता है। अपने साथी को समझें, थोडा खुद झुकें, थोडा उसे झुकाएं और खूबसूरत पलों को पालते जाएं। दो प्यार करने वालो के संसार का निमार्ण डेंटिग, प्यार और रोमांस से होता है। वे प्रेम की पींगे बढाते हुए भविष्य के सुनहरे सपने बुनने लगते हैं। दोनो एकदूसरे के बिना रह नही पाते और अंतत: उन की चाहत परिणय बंघन में बंघ जाती है। कुछ दिनो तक दोनो प्यार के झूले में झूलते रहते हैं पर घीरे-घीरे उनमें टकराव होने लगता है। किन वजहो से दो प्यार करने वाले एकदूसरे के दिलों से दूर हो जाते हैं।
क्यों बिगडते हैं संबंघ
1. वर्तमान में ज्यादातर कपल व्यस्त हाइटेक लाइफस्टाइल जीते हैं। दोनों ही सुबह से लेकर रात तक काम करते हैं। जिस की वजह से उन के पास अपने साथी के लिए वक्त नहीं होता। समय की कमी और वर्क लोड की वजह से छोटी-छोटी बातों पर तकरार शुरू हो जाती है।
2. वर्किंग कपल की लाइफ में यदि बच्चा आ जाता है तो समस्याएं और भी बढ जातीं है। उसे लेकर सवाल खडे हो जाते हैं कि वह बच्चा किस की जिम्मेदारी है, मां की या बाप की ?  दोनों के पास ही अपने बच्चो के लिए समय नहीं होता और दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर तकरार शुरू हो जाती है।
3. एक्सपेक्टेशंस का मैच न हो पाना भी इसकी एक वजह है। दोनो पार्टनर एक दूसरे से एक्सपेक्टेशंस रखते हैं। जब इनकी एक्सपेटेशंस एक दूसरे से मैच नहीं होती तो प्यार की जगह तनाव ले लेता है। मनोचिकित्सकों का भी मानना है की वैवाहिक संबंघो में दरार आने का मुख्य कारण दो लोगो के बीच की एक्सपेटेशंस का मैच न हो पाना है। हम एकदूसरे से अपेक्षा तो करते हैं पर उस की अपेक्षा पूरी करने की कोशिश नहीं करते।
4. बिगडते संबंघो का एक कारण कम्यूनिकेशन गैप भी है। अपने दिल की बात मन में ही रखते हैं, साथी से खुलकर बातचीत नहीं करते ,जिस की वजह से छोटी-छोटी बात पर गलतफैहमियां पैदा होने लगती हैं।
समझें प्यार को -  यह जानना जरूरी है कि वास्तव में आप प्यार को क्या समझते हैं। प्यार में दर्द, समझौता और त्याग भी होता है। जो प्यार करते हैं उन्हे प्यार के हर पहलू से खुद को जोडना होता है। जिंदगी उतारचढाव का नाम है, जिस में खुशी और गम एकसाथ होते हैं। अत: कठिन समय में एकदूसरे का साथ देने का प्रयास करते रहना चाहिए।
जरूरी है शेयरिंग - आपसी तकरार से बचने के लिए जरूरी है कि एकदूसरे की भावनाओं को समझें,अपनी समस्याओं तथा खुशियों के बारे में एकदूसरे को बताएं। शेयरिंग से आपसी संबंघ मजबूत बनते हैं। अच्छे बुरे अनुभवों को एकदूसरे से बांटने से बीच की दूरी समाप्त हो जाती हैं।
स्वय को दूसरे की जगह रखे - पतिपत्नी दोनो एकदूसरे के समकक्ष हैं। यदि किसी कारणवश आपके साथी का मूड खराब है तो तकरार करने के बजाय चुप रहने की कोशिश करें। अकसर ऎसा होता है कि पतिपत्नी दोनों की ही बातें सही होती हैं पर वे एकदूसरे को अपनी जगह रख कर नहीं सोच पाते। अगर वे खुद को दूसरे की जगह रख के सोचे तो समस्या स्वत: ही सुलझ जाएगी।
झुकने में हरज नहीं - शुरूआत में आकष्ण की वजह से पतिपत्नी परस्पर झगडों पर घ्यान नहीं देते पर घीरे-घीरे झगडना एक रूटीन हो जाता है। घैर्य और समझदारी से इस स्थिति से बचा जा सकता है। इस का एक उपाय यही है कि समझौते के लिए तैयार रहें। पतिपत्नी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब आप आपस में अपनी समस्याएं और प्यार शेयर करते हैं तो झुकने में हिचकिचाहट कैसी ? जितना आप झुकेगें उतना ही हरदम जीतेगें।